Skip to main content

Series Testing Board क्या होता है?

 Series Testing Board  क्या होता है? 





Series Testing Board कैसे काम करता है ?


इलेक्ट्रिकल मशीन उपकरण की रिपेयरिंग में फॉल्ट फाइंडिंग के लिए अनेकों टेस्ट करना होता है जिसमें कंटिन्यूटी टेस्ट कॉमन होता है इसके लिए आप सीरीज टेस्ट लैंप बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं आप चाहे तो मल्टीमीटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन यहां सीरीज टेस्ट बोर्ड के बारे में बात करेंगे जो कि बहुत ही आसान होता है 

इसमें फेज के एक सिरे को स्विच के साथ और स्विच का एक सिरा सॉकेट के साथ और सॉकेट के 1 पॉइंट को बल्ब के 1 पॉइंट से जोड़ते हैं और लास्ट में बल्ब का दूसरा पॉइंट न्यूट्रल से अब हमारा बोर्ड Ready है 
अब आपको जो भी डिवाइस टेस्ट करना है सॉकेट में लगे टेस्टिंग वायर की मदद से टेस्ट कर सकते हैं 

सावधानी- 

अगर आप बिगनर हैं तो कनेक्शन को ध्यान पूर्वक सेफ्टी के साथ करें क्योंकि वायर को टच करने से करंट लग सकता है 

उपयोग- 

डीसी मोटर कनेक्शन करंट लीकेज रेजिस्टेंस फेज टेस्ट इत्यादि

Comments

Popular posts from this blog

Power factor क्या होता है | power factor formula

Power factor क्या होता है | power factor formula इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई में, हम अक्सर पावर फैक्टर (Power Factor) शब्द सुनते हैं. यह विद्युत परिपथों (Electrical Circuits) की दक्षता (Efficiency) को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. आइए, इस ब्लॉग पोस्ट में  पावर फैक्टर को सरल भाषा में समझते हैं और इसका सूत्र भी सीखते हैं. Power Factor क्या होता है ?   सरल शब्दों में, पावर फैक्टर किसी विद्युत परिपथ द्वारा खींची गई कुल विद्युत धारा (Current) के उस भाग का अनुपात है जो वास्तव में उपयोगी कार्य (Useful Work) करने में लगता है. इसे हम प्रतिशत (%) में व्यक्त करते हैं. उच्च पावर फैक्टर (High Power Factor): यह एक आदर्श स्थिति है, जहाँ अधिकांश धारा का उपयोग वास्तविक कार्य करने में होता है. इसे 90% से 100% के बीच माना जाता है. उच्च पावर फैक्टर दक्षता का सूचक है, जिसका मतलब है कि कम ऊर्जा बर्बाद होती है. निम्न पावर फैक्टर (Low Power Factor): इसका मतलब है कि धारा का एक बड़ा हिस्सा वास्तविक कार्य करने के बजाय परिपथ में रिएक्टिव पावर (Reactive Power) उत्पन्न करने में खर्च हो र...

RCF Kapurthala Apprentice Recruitment 2025 – Full Details for Students

अगर आप रेलवे में करियर शुरू करने का सपना देख रहे हैं, तो RCF Kapurthala (Rail Coach Factory) की यह भर्ती आपके लिए एक बेहतरीन मौका है! RCF ने 550 अपरेंटिस पदों के लिए आधिकारिक शॉर्ट नोटिस जारी कर दिया है। यह भर्ती खासकर उन छात्रों के लिए है जिन्होंने 10वीं + ITI किया है और सरकारी सेक्टर में ट्रेनिंग लेकर आगे नौकरी पाना चाहते हैं। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं👇😊 📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ (Important Dates) कार्यक्रम तिथि आवेदन शुरू 09 दिसंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि 07 जनवरी 2026 फीस जमा करने की अंतिम तिथि 07 जनवरी 2026 मेरिट लिस्ट जल्द जारी होगी ⏰ ध्यान रहे—आख़िरी दिन तक इंतज़ार मत करें, समय से पहले ही आवेदन करें। 💰 आवेदन शुल्क (Application Fee) श्रेणी शुल्क जनरल / EWS / OBC ₹100 SC / ST / PH / महिला फ्री पेमेंट मोड: डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI आदि। 🎯 आयु सीमा (Age Limit) — 01 जनवरी 2026 के अनुसार न्यूनतम आयु: 15 वर्ष अधिकतम आयु: 24 वर्ष आयु में छूट नियमानुसार दी जाएगी। 📌 कुल पदों की संख्या – 550 श्रेणीवार पद (Category-wise) श्रेणी पद जनरल 275 ओबीस...

system on a chip (SoC) क्या होता है?

 System on a chip (SoC) क्या होता है?  system on a chip (SoC) ये एक ऐसी IC होता है जिसपर कंप्यूटर या अन्य electronics systems के components एक ही चिप पर integrated  होते  है।  इसमें central processing unit (CPU), memory, input/output (I/O) devices और अन्य बाह्य उपकरण शामिल हैं। SoCs का उपयोग अक्सर मोबाइल उपकरणों, जैसे स्मार्टफोन और टैबलेट, साथ ही अन्य एम्बेडेड सिस्टम, जैसे स्मार्ट टीवी और wearable devices में किया जाता है।  SoCs पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइनों की तुलना में कई लाभ प्रदान करते हैं, जिनमें शामिल है: Reduced size and weight:   SoCs पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइनों की तुलना में बहुत छोटे और हल्के होते हैं जो अलग-अलग घटकों का उपयोग करते हैं। यह उन्हें मोबाइल उपकरणों और अन्य space-constrained applications में उपयोग के लिए ideal  बनाता है। Reduced power consumption: SoC पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक डिजाइनों की तुलना में कम बिजली की खपत करते हैं।जिससे device की बैटरी backup बढ़ जाती है और ऐसा इसलिए है क्योंकि SoC पर components  एक-दूसरे के सा...